🌟 स्वयं का आत्म-मंथन: इंसानियत की कसौटी 🌟(अपने अख़्लाक़ और मानवीय मूल्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करें)
1.परोपकार: क्या मैं अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करता हूँ जो वास्तव में ज़रूरतमंद है? 2.निस्वार्थ भाव: क्या मैं […]
1.परोपकार: क्या मैं अक्सर किसी ऐसे व्यक्ति की मदद करता हूँ जो वास्तव में ज़रूरतमंद है? 2.निस्वार्थ भाव: क्या मैं […]
साथियों, ‘मिशन सत्यशोध’ का कारवां आज एक ऐसे ऐतिहासिक और भौगोलिक मोड़ पर खड़ा है, जहाँ हमें पारंपरिक मान्यताओं से
अक्सर हम कहते हैं कि धर्म पर प्रश्न उठना मना है। लेकिन ऐसी कोई सच्चाई क्या हो सकती है जो
अक्सर हमसे कहा जाता है कि धर्म पर प्रश्न उठना मना है। लेकिन क्या ऐसी कोई सच्चाई हो सकती है
जन्नतिफ़िरक़ा संगठन के ‘मिशन सत्यशोध’ के अंतर्गत आज हम उस ऐतिहासिक सच पर चर्चा करेंगे जिसे सदियों से पर्दों के
जन्नतिफ़िरक़ा संगठन के ‘मिशन सत्यशोध’ का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त अंधविश्वास, पाखंड और रूढ़िवादिता की जड़ों को तर्क और
सादर नमस्कार,आज के आधुनिक युग में जहाँ सूचनाओं का अंबार है, वहाँ सत्य और असत्य के बीच की रेखा धुंधली